वैज्ञानिको का दावा, फरवरी 2021 में काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस

Antibodies in Covid recovered patients last only 2-3 months, finds Nature  study
वैज्ञानिको का दावा, फरवरी 2020 में काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के लड़ने के लिए उठाए जा रहे तमाम कदमों के बीच सरकार ने वैज्ञानिकों की एक समिति का गठन किया था, जिसका कहना है कि इस संक्रामक रोग पर फरवरी 2021 तक काबू पाए जाने के आसार हैं। समिति ने कम्‍यूटर मॉडल्स के आधार पर इसका अनुमान जताया। यह भी पढ़ें: दुबई से आए यात्रियों की तलाशी में प्राइवेट पार्ट्स से बरामद हुआ चार किलो से ज्यादा सोना, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

दरअसल, इस अध्ययन में कहा कि देश में कोविड-19 के 1.6 करोड़ से अधिक केस नहीं होंगे। हालांकि समिति ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका से भी इनकार नहीं किया है और इस बात पर जोर दिया है कि इससे बचाव के लिए सुरक्षात्‍मक उपायों को जारी रखने की आवश्‍यकता है।

गौरतलब है कि, अब तक देश में 30 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है। इस समय कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले लगभग 75 लाख हैं, जिनमें से एक्टिव केस लगभग 8 लाख हैं, जबकि 1.14 लाख लोगों की जान इस घातक बीमारी से जा चुकी है। यह भी पढ़ें: इस आईपीएस अफसर ने बताया अपनी 1 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा की कमाई का राज

इसके अलावा समिति ने इस महामारी से निपटने के लिए मार्च में घोषित लॉकडाउन को कारगर करार देते हुए कहा है कि अगर लॉकडाउन लागू नहीं किया गया होता तो इस साल अगस्‍त तक ही यहां कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्‍या 25 लाख से ऊपर पहुंच गई होती। वहीं, समिति के मुताबिक, देशव्‍यापी लॉकडाउन की अब आवश्‍यकता नहीं है और इसे सीमित व प्रभावित क्षेत्रों में ही आवश्‍यकतानुसार लागू किए जाने की आवश्‍यकता है।

इस समिति का गठन नीति आयोग के सदस्‍य वी पॉल और सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन की अध्‍यक्षता में मार्च में ही किया गया था। इसके सदस्‍यों में आईआईटी और भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद से जुड़े विशेषज्ञ भी हैं। यह भी पढ़ें: बॉलीवुड एक्ट्रेस के फोटो लगे जॉबकार्ड पर मनरेगा में धड़ल्ले से चल रहा काम

इनके साथ ही अध्ययन में आईआईटी कानुपर, हैदराबाद, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस बंगलोर, आईएसआई कोलकात्ता, एनआईवी पुणे, पीएसए कार्यालय, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज, सीएमसी वेल्लोर आदि संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल थे।

साथ ही, कोरोना वायरस संक्रमण से निजात पाने को लेकर टीका विकसित हो जाने पर इसके भंडारण और वितरण के बारे में पूछे जाने पर समिति के प्रमुख पॉल ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में कोल्ड स्टोरेज हैं और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। टीका उपलब्ध होने पर इसकी आपूर्ति करने और इसे लोगों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। यह भी पढ़ें: राजमाता विजया राजे सिंधिया की जन्म शताब्दी के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया 100 रूपए का सिक्का, ऐसा है सिक्का का स्वरूप


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