पीरियड्स के दौरान 4 दिन का मिले सवेतन अवकाश, सुप्रीमकोर्ट में दायर हुई याचिका

पीरियड्स के दौरान 4 दिन का मिले सवेतन अवकाश, सुप्रीमकोर्ट में दायर हुई याचिका

केन्द्र की मोदी सरकार और दिल्ली की आप सरकार ने आज महिला कर्मियों के लिए पीरियड्स के दौरान सवेतन अवकाश और आवधिक आराम देने का अनुरोध सुप्रीम कोर्ट से किया है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें महिलाओं के पीरियड्स के दौरान सवेतन अवकाश और आवधिक आराम देने का उल्लेख किया गया है। यह भी पढ़ें: वैज्ञानिको का दावा, फरवरी 2021 में काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस

महिलाओं को मिले सम्मान

दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका में महिलाओं को विशेष आकस्मिक अवकाश और सवेतन अवकाश देने का अनुरोध किया गया है क्योंकि याचिकाकर्ताओं का मानना है कि, पीरियड्स गहराई से मानव सम्मान से जुड़ा है और इस अवधि में अलग से शौचालय की सुविधा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए आराम, विशेष आकस्मिक या सवेतन अवकाश नहीं देकर अधिकारी महिला कर्मचारियों को उनके मानव सम्मान से वंचित कर रहे हैं।

याचिका को दिल्ली मजदूर संघ ने अधिवक्ता राजीव अग्रवाल के जरिए दाखिल किया है। इस याचिका में केन्द्र और राज्यों को दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मी और आउटसोर्स सहित सभी वर्गों की महिला कर्मचारियों को महीने में चार दिन सवेतन अवकाश देने या अगर वे ड्यूटी करती हैं तो उस अवधि के लिए ओवर टाइम देने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। यह भी पढ़ें: दुबई से आए यात्रियों की तलाशी में प्राइवेट पार्ट्स से बरामद हुआ चार किलो से ज्यादा सोना, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

महिलाओं को मिलें उनका हक़

इसके अलावा याचिका में पीरियड्स के दौरान महिला कर्मचारियों को आराम, अलग से साफ शौचालय और सेनेट्री नैपकीन की सुविधा देने का भी अनुरोध किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि, इस तरह की सुविधा देकर महिलाओं को वह सम्मान दिया जाना चाहिए, जिसकी वह हक़दार हैं। इस याचिका में यह भी कहा गया कि वह यह एक बेहद संवदेनशील मसला है। इस पर सभी पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। याचिका में खासतौर पर कहा गया है कि ऐसा पहले ही कर दिया जाना चाहिए था। यह भी पढ़ें: ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का हुआ सफलतापूर्वक परीक्षण, 400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक का टारगेट कर सकता है ध्वस्त

23 नवंबर को है सुनवाई

हालांकि, इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी क्योंकि मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की पीठ इस दिन नहीं बैठती। अब इस मामले को सुनवाई के लिए 23 नवंबर को सूचीबद्ध किया गया है। यह भी पढ़ें: Twitter ने जम्मू-कश्मीर को बताया चीन का हिस्सा, यूजर्स भड़के


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