सेक्स रैकेट और बाल तस्करी की आरोपी सोनू पंजाबन गिरफ्तार, 24 साल की सज़ा

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में सेक्स रैकेट चलाने वाली कुख्यात गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन 12 साल की बच्ची के अपहरण, देह व्यापार और मानव तस्करी के मामले में दिल्ली के द्वारका कोर्ट ने 24 साल की सजा सुनाई है। जबकी उसके सहयोगी संदीप बेदवाल को नाबालिग से दुष्कर्म, उसके अपहरण और मानव तस्करी के अपराध समेत अन्य अपराधों के लिये 20 साल की सजा का ऐलान किया गया है।

कहानी सेक्स रैकेट क्वीन सोनू पंजाबन ...
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द्वारका कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीतम सिंह ने सोनू पंजाबन को आईपीसी की धारा 328, 342, 366ए, 372, 373 और 120बी के तहत अलग-अलग सजा सुनाई हैं। सोनू को कुल 24 सालों तक कठोर कारावास में रखने और 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं कोर्ट ने संदीप को आईपीसी की धारा 363, 366, 366ए, 372, 120बी और 376 के तहत अलग अलग सजा सुनाई है। उसे 20 साल का कारावास काटना होगा।

यह मामला एक 12 वर्षीय लड़की से जुड़ा है, जिसे 11 सितंबर, 2009 को बेदवाल द्वारा अपहरण कर लिया गया था और वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से पंजाबन सहित विभिन्न लोगों को कई बार बेचा गया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर कोर्ट में दलील दी कि, 2009 में जब पीड़िता महज 12 साल की थी, तब संदीप ने उसे प्यार के जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अपने साथ लक्ष्मी नगर में किसी सीमा आंटी नामक महिला के घर ले गया। वहां संदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे सीमा आंटी को बेचकर चला गया।

सीमा ने उसे देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसे कई लोगों को बेचा गया, जिनमें सोनू पंजाबन भी थी। सोनू ने उसे देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया और ऐसी दवाइयों के इंजेक्शन भी दिए जिससे उसका शरीर वेश्यावृत्ति के योग्य हो जाये। उसे अलग-अलग लोगों के पास भेजा जाता था। बार-बार बेचे जाने पर वह अलग-अलग शहरों में जाती थी। रोहतक में, 9 फरवरी 2014 को मौका पाकर पीड़िता भाग निकली और दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में पुलिस के पास पहुंच कर आपबीती बताई।

न्यायाधीश ने कहा, “कैसे एक महिला इस तरह के भयावह तरीके से किसी नाबालिग की मासूमियत का दमन कर सकती है। वह न सिर्फ नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए खरीदने के लिए बल्कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार करने के लिये कानूनी तौर पर कठोर सजा की हकदार है।”

सोनू ने चार दिन पहले तिहाड़ जेल परिसर में सिरदर्द की गोलियों का सेवन अधिक मात्रा में कर लिया था। दवा का सेवन करने के बाद उसने बेचैनी की शिकायत की जिसके बाद उसे जेल परिसर के अंदर दवाखाना में भर्ती कराया गया। बाद में उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई। माना जा रहा है कि वह कुछ समय से इन दवाओं को इकट्ठा कर रही थी। फिल्म ‘फुकरे’ में ऋचा चड्डा द्वारा अभिनीत भोली पंजाबन का किरदार सोनू से प्रेरित था।

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