नेपाली महिला से लखनऊ के होटल में 3 दिन तक ‘बलात्कार’, नागपुर में जीरो एफआईआर दर्ज

लगातार बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के बाद आज फिर एक 22 बर्षीय नेपाली महिला से कथित तौर पर लखनऊ के होटल में लगातार 3 दिन तक बलात्कार किया गया।

जिसकी शिकायत शनिवार को पीड़िता ने नागपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। नागपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई और मामला रविवार को लखनऊ स्थानांतरित कर आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पीड़िता को महिला पुलिस एस्कॉर्ट के साथ लखनऊ भेज दिया।

दरअसल, कोराडी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर वजीर शेख ने बताया कि, पीड़िता 2018 में काठमांडू से आई थी। वह हाईस्कूल तक पढ़ी है और उत्तर प्रदेश के नोएडा में इवेंट मैनेजमेंट फील्ड में काम करती रही है।

यह है पूरा मामला

वजीर शेख ने पीड़िता के बारे में कहा कि, “छह महीने तक नोएडा में काम करने के बाद, एक दोस्त सूफी विश्वकर्मा ने बेहतर नौकरी की संभावनाओं का लालच देकर पीड़िता ‌को सूरत बुला लिया।”

“सूरत में सूफी ने पीड़िता का परिचय 25 वर्षीय ‘राखी भाई’ प्रवीण जे. यादव से यह बताकर करवाया कि, वह दुबई में काम करने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।”

शेख ने बताया कि, मार्च में लॉकडाउन के दौरान जब सूरत में कोरोना के कारण हालात ठीक नहीं रहे, सूफी पीड़िता को लखनऊ ले गया, जहां वह सेमरा इलाके में किराए के फ्लैट में रहने लगी।

“भारत में इतने लंबे समय तक काम करने के बाद पीड़िता ने लगभग 1.50 लाख रुपये बचाय थे, जो उसने सूफी को नेपाल में रह रही अपनी छोटी सौतेली बहन की पढ़ाई के लिए ट्रांसफर करने के लिए दिए थे।”

“जिसके बाद सितंबर मध्य में, उसने सूफी को पैसे वापस करने के लिए कहा। लेकिन उसने इनकार कर दिया। इतना ही नहीं उसने पीड़िता के साथ झगड़ा किया और मारपीट की। यहां तक कि पीड़िता का पासपोर्ट ले लिया और घर से निकाल दिया।”

इसके बाद पीड़िता ने ‘राखी भाई’ से बात की जिसके बाद उसने पीड़िता के लिए एक होटल बुक किया।

आरोपी राखी भाई ने दुबई से लखनऊ पहुंचा। इतना ही नहीं वह होटल के कमरे में पीड़िता के साथ रहने लगा और कथित रूप से तीन दिन तक पीड़िता के साथ बलात्कार किया।

इतने से मन न भरने के बाद, वह पीड़िता को एक दोस्त के घर ले गया और वहां उसके साथ एक सप्ताह तक बलात्कार किया।

इतना ही नहीं,‌ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता के अश्लील वीडियो, तस्वीरें ले लीं। इसके साथ ही उसका फेसबुक और इंस्टाग्राम पासवर्ड हैक करके पीड़िता के परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को पोस्ट कर दिया।

पुलिस ने मदद करने से किया इन्कार

जब युवती ने यादव को पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी तो उसने डॉन होने और पुलिस को अपनी जेब में रखने का दावा किया।

इसके बाद जब पीड़िता ने एक स्थानीय पुलिसकर्मी को बुलाया और उसे अपनी दुखद कहानी सुनाई तो पुलिसकर्मी ने यह कहते हुए मदद करने से इनकार कर दिया कि ‘यह तुम्हारा निजी मामला है।’

दोस्त ने की मदद

पुलिस से न्याय की उम्मीद खो देने पर, पीड़िता ने कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद में एक दोस्त से मिलने का नाटक किया, क्योंकि सूफी और राखी ने पहले ही उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया था।

जिसके बाद पीड़िता ने चुपचाप नागपुर में फोन कर एक नेपाली दोस्त, मंदिरा अनूप मिश्रा को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाकर मदद मांगी।

जिस पर मिश्रा दंपति आसानी से सहमत हो गए और होटल व्यवसायी अनूप मिश्रा ने 29 सितंबर को लखनऊ से नागपुर के लिए लगभग 900 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए एक ओला कैब बुक की और पीड़िता अगले दिन नागपुर पहुंची। जहां पीड़िता ने वकीलों सहित कई लोगों से सलाह ली और अंत में कोराडी पुलिस से संपर्क किया।

आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा

शेख ने कहा, “हमने पीड़िता को उसके कानूनी अधिकारों के बारे में समझाया और 3 अक्टूबर को जीरो एफआईआर दर्ज की। रविवार को हमने पुलिस की दो सदस्यीय टीम को अन्य औपचारिकताओं के लिए कैब से लखनऊ भेजा। वह पीड़िता को वापस नागपुर ले आएंगे।”

उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।


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