एलजी अब नहीं बेचेगी मोबाइल, कंपनी ने किया कारोबार बंद करने का ऐलान

स्मार्टफोन बनाने वाली दक्षिण कोरियाई कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने ऐलान किया है कि वह आने वाले दिनों में अपना मोबाइल डिवीजन बंद करने जा रही है। एलजी पहला ऐसा बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड है जिसने भारत से अपना कारोबार समेटने का फैसला किया है।खबरों के मुताबिक, पिछले कई साल से एलजी का मोबाइल बिजनेस नुकसान में चल रहा है। उत्तरी अमेरिका में 10 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ एलजी तीसरे नंबर का बड़ा ब्रांड है। वहां एप्पल और सैमसंग के बाद एलजी के मोबाइल फोन की बिक्री सबसे ज्यादा होती है। कंपनी को अपनी इस बाजार हिस्सेदारी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

LG Becomes First Major Smartphone Brand to Withdraw From Market Due to  Losses | Technology News
Image Credit : Gadgets 360

जुलाई तक बंद हो जाएगा मोबाइल कारोबार

बताया जा रहा है कि पिछले छह साल से एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का मोबाइल बिजनेस घाटे में चल रहा है और इसकी वजह से कंपनी को 4.5 अरब डॉलर का नुकसान भी हो चुका है। मोबाइल कारोबार से बाहर निकलने के बाद एलजी को अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपोनेंट, कनेक्टेड डिवाइस और स्मार्ट होम आदि पर खास तौर पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एलजी के निदेशक मंडल ने रणनीति में बदलाव की मंजूरी दे दी है। कंपनी जुलाई के अंत तक मोबाइल फोन कारोबार से पूरी तरह बाहर निकल जाएगी।

2013 में तीसरे नंबर पर थी कंपनी

कुछ वक्त पहले तक एलजी अल्ट्रा वाइड एंगल कैमरा के साथ मोबाइल बाजार में अच्छी पोजीशन पर थी। साल 2013 में एलजी सैमसंग और एपल के बाद तीसरे नंबर की दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी थी।बाद में एलजी के फ्लैगशिप मॉडल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के मामले में पिछड़ने लगे। एलजी ने सॉफ्टवेयर अपडेट देने में भी देरी की और ब्रांड की छवि धीरे-धीरे कमजोर होने लगी। विश्लेषकों ने कंपनी की इस बात के लिए भी आलोचना की कि हुए चीनी प्रतिद्वंदी कंपनियों की तुलना में अपने स्मार्टफोन में विशेषज्ञता के हिसाब से बदलाव करने में एलजी विफल रही। इस समय एलजी के मोबाइल कारोबार का ग्लोबल शेयर सिर्फ दो फीसदी है. पिछले साल एलजी ने 23 मिलियन फोन बेचे थे जबकि सैमसंग ने 25.6 करोड़ स्मार्टफोन बेचे।

कम बिक्री होने से घटा मुनाफा

 स्मार्टफोन बिजनेस के मामले में एलजी आज उत्तरी अमेरिका में तीसरे नंबर का बड़ा ब्रांड है जबकि लैटिन अमेरिकी देशों में यह पांचवें नंबर का सबसे बड़ा ब्रांड है। कैप इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के एक विश्लेषक पार्थ सुंग सुन के मुताबिक, दक्षिण अमेरिका में सैमसंग और ओपो, विवो और शाओमी जैसी चीनी कंपनियां एलजी के कारोबार से बाहर निकलने के बाद लोअर और मिड सेगमेंट में अच्छी जगह बना सकती हैं। एलजी ने इससे पहले कहा था कि वह अपनी रणनीति का आकलन कर रही है। 2020 की तीसरी तिमाही में उसकी बिक्री एक साल पहले की तुलना में पांच फीसदी बढ़ी है, लेकिन प्रीमियम उत्पादों की बिक्री सुस्त रहने से उसका मुनाफा घटा है।


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