मैं भी मजदूर हूँ, मैं बेहतर स्थिति में हूँ तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं सवाल नहीं करूंगी: ऋचा चड्ढ़ा

रिचा ने कहा : मैं भी मजदूर हूँ, मैं बेहतर स्थिति में हूँ तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं सवाल नहीं करूंगी – सूचना

कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच देश में अब अनलाॅक होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महामारी से बचने के लिए कई तरह के उपाय बताए जा रहे हैं और लोगों को इससे सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बाॅलीवुड अभिनेत्री रिचा चड्ढ़ा ने महामारी से बचने और इससे लड़ने के उपाय के बारे में बात की। उन्होंने कोरोना वायरस के बारे में कहा कि हमें महामारी से लड़ने के लिए सावधानी रखना जरूरी है। इस महामारी के कारण कार्यालय, कारखाने और स्टूडियो में काम बंद हो गए हैं। इन विपरीत परिस्थितियों के दौरान हमने देखा कि कई लोगों भूख के कारण भी मर गए हैं। कम से कम इस साल के अंत तक हम लोगों को अपने पेट पालने के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था जरूर करनी पड़ेगी। अगर बाहर गए मजदूर वापस नहीं आएंगे तो कारखाने और अन्य व्यवसाय कैसे चलेंगे।

मैं जो कुछ भी महसूस करती हूँ, उसे सोशल मीडिया पर शेयर करती हूँ

रिचा सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव नजर आती हैं। कई बार वह सोशल मीडिया के माध्यम से सामजिक मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं। रिचा ने अपने सोशल मीडिया की एक्टिविटी के बारे में बात करते हुए कहा, “मैं कभी सोशल मीडिया किसी का चीज का ज्यादा विश्लेषण नहीं करती हूँ। मेरी टाईमलाईन यह पारिभाषित करती हैं। मैं जो कुछ भी महसूस या एंजॉय करती हूँ तो मैं उसे सोशल मीडिया पर शेयर करती हूँ। यदि मैं किसी मुद्दे को सोशल मीडिया पर अच्छे से शेयर कर पाती हूँ तो ये अद्भुत है। हमें हास्य और गंभीर दोनों होने की जरूरत होती है।”

कई बार मेरी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है

अक्सर कई मुद्दों पर सीधी सी राय रखने वाली रिचा अब कई बार कुछ मुद्दों पर बड़ी गंभीरता और चतुरता से जबाव देती है। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए बताया कि कई बार मैं कुछ कहती हूँ तो उसे तोड़ – मरोड़ कर पेश किया जाता है। बात का मतलब समझे बगैर उसे राजनितिकरण के नजरिए से लिए जाता है। मैं भी राजनीति, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य प्रणाली आदि के बारे में जानना चाहती हूँ। क्योंकि यह सब चीजें हमको प्रभावित करती है। मैं भी एक प्रवासी हूँ। मैं थोड़ी बेहतर स्थिति में हूँ तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं इनसे जुड़े सवाल नहीं कर सकती। इस समय दुनिया भर में लोग सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं जो आगे जाकर शायद एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

बाहर जाते वक्त सावधानी बरतती हूँ

रिचा वर्तमान परिस्थितियों और अनलाॅक 2.0 के बारे में कहा, “मेरा भी मन करता है समुद्र किनारे टहलने का और बाहर जाने का लेकिन मैं नहीं जाती हूँ। मैं जब भी किराने या अन्य आवश्यक समान लेने के लिए बाहर जाती हूँ तो लोगों से कहती हूँ कि मास्क पहने और सोशल डिस्टेंनसिंग का पालन करे। कई बार कुछ लोगों को देखकर लगता है कि यह कैसे इस बीमारी को इतने हल्के में ले सकते हैं। इस समय हमारा एक गलत कदम भी हमें बहुत भारी पड़ सकता है।” जब उनसे पूछा गया कि आप कब अपने माता-पिता से मिलने दिल्ली जाने वाले हो तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि इस समय दिल्ली जाना मेरे और माता-पिता दोनों के लिए खतरनाक होगा। जब परस्थितियां सामान्य होगी तब ही में उनसे मिलने जाऊंगी।

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