त्रिपुरा के यूट्यूबर ने सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत बताने के लिए बनाई अनोखी बाइक

कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे ज्यादा जोर सोशल डिस्टेंसिंग पर दिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए ही देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है, ताकि लोग अपने घरों में ही रहें और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। लॉकाडाउन के बीच त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में कुछ ऐसा हुआ है, जिसे सोशल डिस्टेंसिंग का बेहतरीन उदाहरण कहा जा सकता है। अगरतला के एक यूट्यूबर हैं पार्थ साहा। इन्होंने एक ऐसी इलेक्ट्रिक मोटरबाइक बनाई है जो सोशल डिस्टेंसिंग बरतने का संदेश बखूबी देती है। पार्थ ने इस मोटरबाइक को ‘कोविड-19 बाइक’ नाम दिया है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए इस इलेक्ट्रिक बाइक की दोनों सीटों के बीच एक मीटर की दूरी रखी गई है।

Image Credit : The Indian Express

सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत समझाती बाइक

दस साल पहले एक मैकेनिक के रूप में शुरुआत करने वाले 39 साल के पार्थ साहा ने बाद में टेक्निकल इन्सट्रक्टर का काम किया और 2018 में वह फुलटाइम यूट्यूबर बन गए। अपनी इस बेहतरीन बाइक के बारे में पार्थ बताते हैं, ‘इस वक्त हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग की बात की जा रही है, लेकिन बहुत से लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसीलिए मैंने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत समझाने के लिए कुछ नया करने के बारे में सोचा। मैंने एक ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक बनाई है, जिसकी दोनों सीटों के बीच एक मीटर का फासला है। इसके लिए मैंने पेट्रोल से चलने वाली एक बाइक को मोडिफाई किया और इसकी सीट के लिए साइकिल की सीट का इस्तेमाल किया। मैंने इसमें 48 वोल्ट की बैटरी और पेट्रोल इंजन की जगह 750 वाट की डीसी मोटर का इस्तेमाल किया और मेरी बाइक बनकर तैयार हो गई। मैंने इसका नाम ‘कोविड-19 बाइक’ रखा है।’ उन्होंने बताया कि यह बाइक तीन घंटे में फुल चार्ज हो जाती है और करीब 80 किलोमीटर तक चलती है।

बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए की थी तैयार

अगरतला के पास अरलिया गांव में रहने वाले पार्थ ने यह भी बताया कि जब वह इस बाइक को डिजाइन कर रहे थे, तो उन्होंने सोचा था कि वे लॉकडाउन हटने के बाद इस बाइक का इस्तेमाल अपनी नौ साल की बेटी को स्कूल पहुंचाने के लिए करेंगे, ताकि बाद में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। हालांकि बाद में उन्होंने अपना इरादा बदल लिया क्योंकि इस बाइक को सड़क पर चलाने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से इजाजत लेना थोड़ा मुश्किल था और इसमें काफी वक्त बर्बाद होता। पार्थ की इस बाइक के बारे में त्रिपुरा के प्रधान सचिव (परिवहन) लैहलिया डारलोंग ने कहा कि सुरक्षा मानकों का परीक्षण किए बिना किसी भी वाहन को सड़क पर उतारने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा, ‘सरकार की ओर से कई एजेंसियां बनाई गई हैं जो इस बात का सर्टिफिकेट देती हैं कि कोई वाहन सड़क पर चलाने के लायक है या नहीं। इसके अलावा किसी भी खरीदे गए रजिस्टर्ड वाहन को इजाजत के बिना मोडिफाई नहीं किया जा सकता। इसीलिए इस मोटरबाइक को फिलहाल सड़क पर उतारना मुमकिन नहीं है।’

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लोगों को पसंद आ रही पार्थ की कोशिश

पार्थ के यूट्यूब चैनल टेक्नीकल पार्थ (Technical Partha) के तीन लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उनका कहना है कि वह अपने यूट्यूब चैनल से महीने में करीब 50 हजार रुपए तक कमा लेते हैं। हालांकि वह अपनी इस ‘कोविड-19 बाइक’ का वीडियो अपने चैनल पर नहीं पोस्ट करना चाहते। पार्थ ने बताया, ‘एक दिन मैं अपनी इस बाइक को टेस्ट राइड के लिए बाहर ले गया था. तभी शायद किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद मेरे पास लोगों के मैसेज आने लगे। मेरी यह बाइक लोगों को काफी पसंद आ रही है।’ पार्थ ने कहा, ‘मैं हर व्यक्ति को इस बाइक के माध्यम से संदेश देना चाहता हूं कि कोरोना से लड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बरतना बहुत जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग बरतने में लोग कहीं न कहीं गलती कर जाते हैं, जोकि सबके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।’


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