इस होली केमिकल वाले रंगों को कहें ना, घर पर बनाएं प्राकृतिक रंग

होली रंगों का त्योहार है। रंगों के बिना होली फीकी होती है, लेकिन कोरोना महामारी ने इस बार की होली को बेरंग कर दिया है। कई राज्यों में सार्वजनिक रूप से होली खेलने पर पाबंदी लगा दी गई है और होली के आयोजनों को भी रद्द कर दिया गया है। ऐसे में आप होली खेलने बाहर तो कतई नहीं जा सकते। पर इसमें भी चिंता की कोई बात नहीं है। आप घर पर अपने परिजनों के साथ होली खेल सकते हैं। अब अगर होली खेलने बाहर नहीं जा रहे तो होली के रंग ही बाजार से क्यों लाएं। वैसे भी बाजार के रंगों में इतने केमिकल मिलाए जाते हैं कि वे न तो जल्दी से छूटते हैं और अगर छूटते भी हैं तो शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। पहले के जमाने में केवल प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने का चलन था, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता था, बल्कि इन रंगों से तो शरीर को फायदा मिलता था और नहाते समय शरीर की गंदगी और मैल भी निकल जाता था। जड़ी-बूटियों और घर में इस्तेमाल होने वाली चीजों से बने रंग पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाते थे। तो इस बार बाजार के रंगों को कहें ना और घर पर बनाएं रंगों से बिखेरें होली के रंग।

6 How to Make Holi Colours at Home Naturally
Image Credit : HerGamut

गुलाबी रंग या गुलाल

गुलाबी रंग को आप दो तरीकों से बना सकते हैं एक तो चुकंदर से और दूसरा गाजर से। चुकंदर से रंग बनाने के लिए होली से एक-दो दिन पहले चुकंदर को काटकर या पीसकर पानी में डुबोकर रख दें। इसे रातभर ऐसे ही रहने दें और अगले दिन इसे अच्छे से उबाल लें। जब पानी उबलकर गाढ़ा हो जाए तब इसे छान लें और हो गया नैचुरल गुलाल तैयार। अब इसमें आप जरूरत के मुताबिक पानी मिलाकर गीली होली खेल सकते हैं। गाजर से गुलाबी रंग बनाने के लिए आप गाजर का जूस निकाल लें और गाजर के बचे हुए बुरादे को धूप में सुखा लें। जब यह अच्छे से सूख जाए तो इसे मसलकर पाउडर बना लें और आपका गुलाबी रंग तैयार है। इस रंग को सॉफ्ट बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा टेलकम पाउडर भी मिला सकते हैं।

लाल रंग

गुलाल के बाद जो रंग सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है वह है लाल रंग। इसे भी आप प्राकृतिक रूप से बना सकते हैं। आप चाहें तो लाल चंदन के पाउडर को लाल रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं जो अच्छी खुशबू भी देगा। इसके अलावा आप गुलाब या अनार से लाल रंग बना सकते हैं। गुलाब से रंग बनाने के लिए आपको जरूरत होगी बहुत सारे गुलाब के फूलों की। गुलाब की पंखुड़ियां तोड़कर उन्हें धूप में सुखा लें। जब यह अच्छे से सूख जाएं तो इन्हें मसलकर पाउडर बना लें और हो गया लाल रंग तैयार। आप चाहें तो इसमें गेहूं का आटा मिलाकर इससे गुलाबी रंग भी बना सकते हैं। अनार से लाल रंग बनाने के लिए अनार को छील लें और उसके छिलकों को थोड़ी देर तक पानी में उबालें। इसके बाद पानी को छान लें और लाल रंग तैयार हो गया। इसे और गहरा करने के लिए इसमें पिसा हुआ चुकंदर भी मिलाया जा सकता है।

पीला रंग    

पीला रंग बनाना बनाना भी बहुत आसान है क्योंकि इसे बनाने की ज्यादातर चीजें हमारे घर में ही मौजूद होती हैं। इसे कई तरीकों से बनाया जा सकता है। मुल्तानी मिट्टी को पीसकर इसमें हल्दी मिलाकर पीला रंग बनाया जा सकता है। बेसन और हल्दी मिलाकर भी पीला रंग बनाया जा सकता है। गेंदे के फूल की पत्तियों को धूप में सुखाकर, उनका पाउडर बनाकर और चंदन पाउडर में हल्दी मिलाकर भी पीला रंग बनाया जा सकता है। हालांकि ध्यान रखें कि रंग बनाने के लिए हल्दी घर वाली ही हो क्योंकि बाजार की पैकेट वाली हल्दी तेज होती है और यह त्वचा में जलन पैदा कर सकती है।

संतरी या नारंगी रंग 

अब बात करते हैं नारंगी रंग के बारे में, जिसके साथ कान्हा भी होली खेलते थे। जी हां, कान्हा राधा व अन्य गोपियों के साथ इसी रंग से होली खेलते थे जोकि टेसू के फूलों से बनाया जाता था। इसके लिए टेसू (पलाश) के फूलों को रातभर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को उबाल लें। अब इसमें संतरी पीला रंग आ जाएगा। अगर आप सूखा नारंगी रंग चाहती हैं तो टेसू के फूलों को धूप में सुखाकर और उसे मसलकर पाउडर बना लें और सूखा नारंगी रंग तैयार है। इसके अलावा आप केसर से भी नारंगी रंग बना सकते हैं। इसके लिए केसर की कुछ पत्तियों को मसलकर पानी में डुबोकर रख दें। कुछ देर में इसमें नारंगी रंग आ जाएगा। अब इस पानी को आप ज्यादा पानी में मिलाकर होली खेल सकते हैं।

हरा रंग

हरा रंग भी दो तरीकों से बनाया जा सकता है। पहला मेहंदी से और दूसरा पालक से। आप चाहें तो मेहंदी पाउडर को सूखे हरे रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखी मेहंदी रंग नहीं छोड़ेगी, लेकिन गोली मेहंदी रंग छोड़ सकती है। हालांकि यह मेहंदी बालों के लिए कंडीशनर का काम करेगी। इसकी मात्रा बढ़ाने और हल्कापन लाने के लिए आप इसमें गेहूं का आटा मिला सकते हैं। इसके अलावा पुदीना, धनिया व पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर और उनका पाउडर बना कर सूखा हरा रंग बना सकते हैं या फिर इन्हें पानी में उबालकर गीला हरा रंग बना सकते हैं। इसमें आप मेथी के पत्ते भी मिला सकते हैं।

नीला रंग

इसे बनाने के भी दो तरीके हैं। पहला तो आप इसे गुड़हल के फूलों से बना सकते हैं। इसके लिए गुड़हल के फूलों को तोड़कर धूप में सुखा लें। अगले दिन इसे हाथों से मसलकर पाउडर बना लें। अब इसे आप नीले रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो काले रंग के अंगूर का जूस निकाल कर उसमें पानी मिला सकते हैं या फिर सीधे इन्हें पानी में उबाल सकते हैं। दोनों ही तरीकों से नीला रंग बन सकता है।

सफेद रंग

इसके लिए तो आप सीधे गेहूं के आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें सुगंध लाने के लिए सफेद चंदन पाउडर भी मिलाया जा सकता है। इसके अलावा मैदा या चावल के आटे को भी सफेद रंग के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।


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