गलवान घाटी में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के जवान गणेश राम कुंजम के नाम पर रखा जाएगा स्कूल का नाम

लद्दाख स्थित गलवान घाटी में 15-16 जून की रात को चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक मुठभेड़ में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। देशभर के लोग इन शहीदों के साहस को सलाम कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इन्हीं शहीद जवानों में से एक थे 27 साल के गणेश राम कुंजम। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के गिधाली गांव में रहने वाले गणेश का गुरुवार रात उनके गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

गलवान घाटी में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के जवान गणेश राम कुंजम के नाम पर रखा जाएगा स्कूल का नाम - सूचना
Image Credit : India.com

मुख्यमंत्री ने शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

इससे पहले गुरुवार शाम को कुंजम का शव रायपुर एयरपोर्ट पहुंचा, जहां उन्हें एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणेश राम कुंजम के परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का देने का ऐलान किया। इसके अलावा शहीद जवान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहीद जवान के गांव के सरकारी स्कूल का नामकरण भी उन्हीं के नाम पर किया जाएगा।

शहीद के नाम पर रखा जाएगा स्कूल का नाम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, शहीद जवान कुंजम ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है। ऐसे महान सपूत पर हम छत्तीसगढ़वासियों को गर्व है। उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। हम सब देश के साथ हैं, सेना के साथ हैं और जवानों के साथ हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट करके कहा, ‘शहीद जवान गणेश राम कुंजम की याद में उनके गांव गिधाली के सरकारी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा शहीद के परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। जय हिंद।’

परिवार के इकलौते बेटे थे गणेश राम कुंजम

गणेश कुंजम का बचपन काफी गरीबी में बीता। वह 12वीं के बाद 2011 में ही सेना में शामिल हो गए थे। कुंजम परिवार में इकलौते बेटे थे। एक महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग चीन की सीमा पर हुई थी। उनकी शहादत की खबर से उनके घर और गांव में मातम पसरा है। कुंजम के चाचा तिहारूराम कहते हैं कि आखिरी बार एक महीने पहले गणेश से बात हुई थी। तब उन्होंने बताया था कि उसकी पोस्टिंग चीन की सीमा पर हो गई है और वह वहीं जा रहे हैं। 27 साल के गणेश जब पिछली बार घर आए थे, तभी उनकी शादी तय कर दी गई थी। घरवाले शादी की तैयारी भी कर रहे थे, लेकिन कोरोना के कारण तारीख तय नहीं हो पाई। परिवार वाले उनकी शादी को लेकर खुश थे, लेकिन उससे पहले ही कुंजम की मौत की खबर आ गई।

चीनी सेना के साथ झड़प में 20 जवान हुए थे शहीद

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार की रात चीन के सैनिकों के साथ हिंसक संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इनमें सबसे ज्यादा 13 जवान बिहार की दो अलग-अलग रेजिमेंट के हैं। एक शहीद 12 बिहार रेजिमेंट और बाकी शहीद 16 बिहार रेजिमेंट के हैं। शहीद कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी 16 बिहार रेजिमेंट से थे। सूत्रों के मुताबिक, गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच जो हिंसक झड़प हुई है, उसमें चीन को भी भारी नुकसान हुआ है और उसके 43 सैनिक मारे गए हैं। मरने वालों में चीन का एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है।


Connect With US- Facebook | Twitter | Instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *