अपने पिता के संघर्षों से प्रेरित होकर बने IPS, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

अपने पिता के संघर्षों से प्रेरित होकर बने IPS, दूसरे प्रयास में मिली सफलता | सूचना
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कहते हैं कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, जो अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं और एक दिन उनका सपना जरूर पूरा करते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है, उत्तरप्रदेश के ललितपुर जिले के IPS विनय तिवारी की, जिन्होंने पहले IIT में स्नातक डिग्री हासिल की और बाद में UPSC क्लियर कर अपने पिता का IPS बनने का सपना पूरा किया। विनय ने IPS बनने के लिए दिन-रात लगातार मेहनत की।

पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा

विनय के पिता किसान थे। विनय ने पढ़ाई करने के लिए 14 वर्ष की उम्र में ही अपने घर को छोड़ दिया था और पढ़ाई करने के लिए कोटा आकर बस गए थे। इस दौरान उनका परिवार अर्थिक तंगी से जूझ रहा था। जिसके कारण विनय के पिता ने उनकी शिक्षा के लिए कर्ज लिया था। जब विनय को यह पता चला तो उन्होंने और ज्यादा मेहनत करने की ठानी और अच्छे नंबर लाने की कोशिश की। उन्होंने इस बारे में एक इंटरव्यू में बताया, “जब एक पिता अपने बेटे की पढ़ाई के लिए किसी से कर्ज लेता है, तो उसके बेटा का फर्ज होता है कि वह मेहनत कर अपने पिता को कर्ज से मुक्त कराए और अपने पिता को गर्व महसूस कराए। मैंने मेरे पिता का संघर्ष देखा है जिससे मुझे अपने जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा मिली है।”

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से IIT में ग्रेजुएट हुए

विनय ने 12वीं पास करने के बाद कोटा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से IIT में स्नातक डिग्री हासिल की। विनय को इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी का ऑफर मिला था। लेकिन UPSC की तैयारी करने के लिए उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया। विनय तिवारी ने इस बारे में बताया कि मैंने पिता से पूछा कि कहीं जाकर पढऩा कठिन होता है। पैसे तो लगते ही है बहुत ज्यादा और सुना था कि UPSC बहुत कठिन परीक्षा है। नौकरी के साथ साथ प्रयास कर लूंगा। पापा ने कहा कि देखो त्याग करोगे तो अच्छा पाओगे। सपना देखा है तो उसको पूरा करने का प्रयास पूरे मन से करो।

दूसरी बार में मिली UPSC में सफलता

UPSC की तैयारी करने के लिए विनय तिवारी दिल्ली चले गए। दिल्ली में ही उन्होंने पहली बार UPSC की परीक्षा दी। लेकिन विनय पहली बार में सफलता नहीं पा सके। जब उन्होंने अपने पिता को बताया कि पिता जी मुझे इस बार सफलता नहीं मिली तो उनके पिता ने कहा कि, बेटा बड़ी परीक्षा में पहली बार में सफलता नहीं मिलती मेहनत करते रहो अगली बार सफलता जरूर मिलेगी। इसके बाद विनय ने एक बार फिर UPSC की परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की और एक बार फिर से UPSC की परीक्षा दी। विनय ने दूसरी बार में UPSC में सफलता हासिल की। उन्होंने उस साल UPSC परीक्षा में पूरे भारत में 193वीं रैंक हासिल की। जब उनके पिता को इस बारे में पता चला तो वह बहुत खुश हुए और कहा कि देखो मैंने कहा था ना कि मेहनत करते रहो सफलता जरूर मिलेगी।


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