गुजरात के इंजीनियर छात्र ने पुलिसकर्मियों के लिए बनाया सोलर छाता, चार्जिंग पांइट और छोटे पंखे जैसी सुविधाएं

Beating The Heat With Innovation: 23-YO Designs Solar-Powered Umbrellas For Ahmedabad Cops- Soochna
Image credit: The Better India

कोरोनावायरस के कारण पूरे देश में 24 मार्च से लाॅकडाउन लगा हुआ है। लाॅकडाउन का सख्ती से पालन हो इसके लिए पूरे भारत के पुलिस बल ने काफी मेहनत-मशक्कत की है। पुलिसकर्मी दिन में 41° तापमान और तेज धूप होने के बावजूद भी ड्यूटी कर रहे हैं, ताकि देश के नागरिक घरों में रहें। ऐसी ही कुछ चुनौतियों का सामना पुलिसकर्मियों को अहमदाबाद शहर में भी करना पड़ रहा है। अहमदाबाद के युवा इंजीनियर से यह देखा नहीं गया और उन्होंने पुलिस वालों के लिए इलेक्ट्रॉनिक छातों का निर्माण किया। जिसके नीचे बैठकर पुलिस वाले आराम से ड्यूटी कर सकते है।

छातें में पंखा, सोलर पैनल और चार्जिंग पांईट जैसी सुविधाएं

युवक इंजीनियर का नाम अदीब मंसूरी हैं। अदीब एल.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के फाइनल ईयर के छात्र हैं। अदीब ने अपने क्षेत्र में चिलचिलाती गर्मी में काम करते हुए पुलिसकर्मियों को परेशान होता हुए देखा, तो सोचा क्यों न इनकी थोड़ी मदद की जाए। अदीब जानता था कि उसे मदद के लिए अपने कौशल और ज्ञान का उपयोग करना होगा। अदीब को सौर-संचालित टेबल पंखों को देखकर यह छाते बनाने का आईडिया आया। जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने कॉलेज के इनक्यूबेटर सेंटर में दाखिला लिया और कॉलेज के सुरक्षा गार्ड के लिए एक प्रोटोटाइप छतरी पर काम करना शुरू कर दिया।

जिसके बाद अदीब ने दो छतरियों को इस तरह डिजाइन किया जो न केवल छाया दे, बल्कि ठंडी हवा भी दे। अदीब ने इन छतरियों में छोटे पंखे, चार्जिंग सॉकेट और सौर पैनल के साथ 20 वाॅट तक बैटरी की क्षमता के साथ बनाया है। उनके पास इस छाते में एक बैटरी बैकअप भी है जिसका उपयोग वे रात में कर सकते हैं। इन छतरियों को पुलिस वाले दिन में लगा कर बैठ सकते हैं और ठंडी-ठंडी हवा ले सकते हैं।

अभी तक कई पुलिसकर्मियों को दे चुके हैं सोलर छतरियां

अदीब ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मुफ्त में दो छतरियां (प्रत्येक की लागत 3,000 रुपये तक) प्रदान की है। पुलिस बल की ओर से इसके लिए सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। अदीब ने कहा, ”पुलिसकर्मी अपने परिवारों से दूर रहते हुए भी ऐसे कठिन समय में हम सभी को सुरक्षित रख रहे हैं। गर्मी सिर्फ एक असुविधा नहीं है, बल्कि यह बहुत खतरनाक है और यह हमें मार भी सकती है। हमारे शहर ने अतीत में यह साबित कर दिया है कि लॉकडाउन में हम सभी एकजुट है और एक-दूसरे की मदद करने के लिए सभी हमेशा तैयार रहते हैं। एक इंजीनियरिंग छात्र के रूप में यह मेरा योगदान है।”

काॅलेज भी कर रहा है अदीब की मदद

अदीब ने आगे बताया पुलिस छतरियों को पसंद कर रही है क्योंकि पंखा और चार्जिंग बिंदु बहुत कुशल है। उन्हें हर बार हर बार किसी व्यक्ति या वाहन के गुजरने पर चैकिंग के लिए खड़ा होना पड़ता है लेकिन बीच में वें छाता से आने वाली हवा का आनंद ले सकते हैं। उन्होंने मुझे पाँच और ऐसी छतरियाँ बनाने का आदेश दिया है। कॉलेज मुझे आर्थिक रूप से और कच्चे माल की खरीदारी में मदद कर रहा है। शहर की पुलिस से प्रोत्साहन और सकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण अदीब ने इसे व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ाने का सोचा है और अदीब को उम्मीद है कि वे जल्द ही अपने प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर लॉन्च करेंगे।


Connect With US- Facebook | Twitter | Instagram

Leave a Reply